नमस्कार मित्रो
आपकी कुंडली में ग्रह तो उच्च का बैठा हुआ है।
आइये स्वयं जानिए क्यों आपको उच्च ग्रह का उच्च फल नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए आपके पास कंप्यूटर द्वारा बनी कुंडली होनी चाहिए। यदि नहीं है तो घबराइये मत, आपको कुंडली निर्माण के लिए किसी ज्योतिषी के पास भी नहीं जाना है। बस अपने स्मार्ट फोन सर कोई भी कुंडली एप्प डाउनलोड कर लीजिये।
हर ग्रह के अंशात्मक मान होते है, अर्थात ग्रह की किसी राशि में चाल या तय की गई दुरी। नीचे ग्रहो की उच्च व नीच स्थिति अंशात्मक मान सहित बताई गई है।
सूर्य - मेष उच्च (1-10) तुला नीच(1-10)
चंद्र - वृष उच्च(1-3) वृश्चिक नीच(1-3)
मंगल - मकर उच्च (1-28) कर्क नीच(1-28)
बुध - कन्या उच्च (1-15) मीन नीच(1-15)
गुरु - कर्क उच्च (1-5) मकर नीच(1-5)
शुक्र - मीन उच्च(1- 27) कन्या नीच (1-27)
शनि - तुला उच्च (1-20) मेष नीच(1-20)
सूर्य - मेष उच्च (1-10) तुला नीच(1-10)
चंद्र - वृष उच्च(1-3) वृश्चिक नीच(1-3)
मंगल - मकर उच्च (1-28) कर्क नीच(1-28)
बुध - कन्या उच्च (1-15) मीन नीच(1-15)
गुरु - कर्क उच्च (1-5) मकर नीच(1-5)
शुक्र - मीन उच्च(1- 27) कन्या नीच (1-27)
शनि - तुला उच्च (1-20) मेष नीच(1-20)
कोई भी ग्रह जिस राशि में उच्च/नीच का होता है, उसी राशि से गिनने में सातवीं राशि में वो नीच/उच्च का हो जाता है। अब यदि दिये गए अंश के अंदर यदि कोई ग्रह होता है तभी वह उच्च व नीच स्थिति में होता है। यदि दिए गए अंशों से अधिक अंशों में हो,तो उस ग्रह का उच्च या नीच प्रभाव नहीं रहता है।
ऐसी स्थिति में ग्रह स्वराशि,मित्र राशि, मूल त्रिकोण राशि या शत्रु राशि में होने के बराबर फल देता है।
यदि कुंडली में उपरोक्त वर्णित स्थिति के बाद भी, आपको उचित फल नहीं मिल रहा या आपको कोई आशंका हो, तो अपने ज्योतिषी से परामर्श लें।
चूँकि ग्रह किस भाव में है, कौनसे ग्रहो के साथ है किन ग्रहों की दृष्टि गोचर कर रही है आदि, कारण भी हो सकते हैं। जिसकी जानकारी आपको ज्योतिषी के माध्यम से ही मिल सकती है।
ऐसी स्थिति में ग्रह स्वराशि,मित्र राशि, मूल त्रिकोण राशि या शत्रु राशि में होने के बराबर फल देता है।
यदि कुंडली में उपरोक्त वर्णित स्थिति के बाद भी, आपको उचित फल नहीं मिल रहा या आपको कोई आशंका हो, तो अपने ज्योतिषी से परामर्श लें।
चूँकि ग्रह किस भाव में है, कौनसे ग्रहो के साथ है किन ग्रहों की दृष्टि गोचर कर रही है आदि, कारण भी हो सकते हैं। जिसकी जानकारी आपको ज्योतिषी के माध्यम से ही मिल सकती है।
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